डॉ. रवींद्र सिंह ने जगदीश सरन हिंदू पी.जी. कॉलेज, अमरोहा (उत्तर प्रदेश) से एम.ए. किया। नेट/जे.आर.एफ. की परीक्षा पास करके, ये ए.आर. पी.जी. कॉलेज, जोया (अमरोहा) में अध्यापनकार्य किये। इन्होंने ए.एम.यू. अलीगढ़ से पीएच.डी. की और साथ में वी.एम.ओ.यू. (कोटा) से एकल विषय संस्कृत से बी.ए. किया। गवर्नमेंट गर्ल्स कॉलेज, केलवाड़ा (बारां) राजस्थान में भी ये अध्यापनकार्य किये हैं। वर्तमान में राजेश पायलट गवर्नमेंट पी.जी. कॉलेज, लालसोट (राजस्थान) में अध्यापनरत हैं। डॉ. रवींद्र सिंह ने ‘हज़ार रंग में डूबी हुई हवा’ एवं ‘समाजदृष्टा साहित्यकार रत्नकुमार सांभरिया’ पुस्तकों में लेख लिखे हैं। केंद्रीय हिंदी संस्थान की पत्रिका ‘प्रवासी जगत’, ए.एम.यू. की शोध पत्रिका ‘अभिनव भारती’ व ‘कला संकाय’ और अन्य पत्रिकाओं में इनके शोध आलेख हैं। इनकी एक पुस्तक ‘माँ! अब गीता सुनाइए’ सूर्य प्रकाशन मंदिर, बीकानेर से प्रकाशित हुई है। ईमेल : ravindrasinghaligarh51@gmail.com