ANGIN SE NIKAL KER EK

By ANAND HARSHUL

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"अनगिन से निकल कर एक" हिंदी के प्रख्यात साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल के लेखन और उनके साहित्यिक अवदान के मूल्यांकन पर केंद्रित एक महत्वपूर्ण पुस्तक है। आनंद हर्षल द्वारा संपादित और सूर्य प्रकाशन मंदिर...

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"अनगिन से निकल कर एक" हिंदी के प्रख्यात साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल के लेखन और उनके साहित्यिक अवदान के मूल्यांकन पर केंद्रित एक महत्वपूर्ण पुस्तक है। आनंद हर्षल द्वारा संपादित और सूर्य प्रकाशन मंदिर द्वारा प्रकाशित यह ग्रंथ शुक्ल जी की जादुई और यथार्थवादी लेखन शैली की गहरी समझ प्रदान करता है। पुस्तक का शीर्षक उनकी एक लोकप्रिय कविता से प्रेरित है और यह पाठकों तथा शोधकर्ताओं के लिए एक उपयोगी मार्गदर्शिका है।